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बंधन -08-Feb-2025

प्रतियोगिता हेतु 
दिनांक: 07/02/2025
बंधक

कुछ बंधन होते ऐसे जो
एक सबक बन जाते हैं। 
बिना रिश्ते ही के 
सब रिश्ते निभा जाते हैं।
न होता इसमें कोई छोटा 
न ही कोई बड़ा होता।
सब होते एक जैसे 
एक दूजे की तरफ हाथ बढ़ाते हैं।
कुछ बंधन होते ऐसे जो
एक सबक बन जाते हैं। 
यही सबक जीवन को एक 
नई दिशा देता है
बनकर आधार लम्हों का
इनको पनाह देता है
बंधन कर देता आज़ाद 
भावनाओं को
यही दिल की धड़कनों को 
काबू करता है।
कुछ बंधन होते ऐसे जो
एक सबक बन जाते हैं। 
बिना रिश्ते ही के 
सब रिश्ते निभा जाते हैं।

शाहाना परवीन'शान'...✍️

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2 Comments

hema mohril

26-Mar-2025 05:05 AM

amazing

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kashish

09-Feb-2025 07:36 AM

V nice

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